Home Business स्टीव जॉब्स की इस खूबी को पसंद करते थे बिल गेट्स, आज तक महारत हासिल नहीं कर पाए  

स्टीव जॉब्स की इस खूबी को पसंद करते थे बिल गेट्स, आज तक महारत हासिल नहीं कर पाए  

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स्टीव जॉब्स की इस खूबी को पसंद करते थे बिल गेट्स, आज तक महारत हासिल नहीं कर पाए  

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Steve Jobs: माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के फाउंडर बिल गेट्स ने कंपनी को आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंचाकर अपना उत्तराधिकारी चुन लिया था. अब वो अपनी पत्नी मिलिंडा गेट्स के साथ मिलकर दुनियाभर में सामजिक कार्यों को बढ़ावा देते हैं. इतना कुछ हासिल कर लेने के बाद भी एक ऐसा हुनर है, जिसे वो अभी तक हासिल नहीं कर पाए. बिल गेट्स ने कहा है कि वह स्टीव जॉब्स की किसी भी मंच पर सहजता की काबिलियत से ईर्ष्या रखते थे. आज भी वह चाहते हैं कि स्टीव जॉब्स की यह खूबी उनके अंदर आ जाए.

दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर लिया करते थे जॉब्स

एप्पल (Apple) के को फाउंडर और पूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स (Steve Jobs) अब दुनिया में नहीं हैं. इसके बावजूद आज भी दुनियाभर के लाखों प्रशंसक उन्हें याद करते रहते हैं. वह टेक्नोलॉजी पर बोलने के लिए जब भी किसी मंच पर पहुंचते थे तो अपने शब्दों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर लिया करते थे. बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, बिल गेट्स (Bill Gates) ने कहा है कि मंच पर इतना स्वाभाविक और वास्तविक दिखने में दिवंगत स्टीव जॉब्स की महारत तक वह अभी भी नहीं पहुंच पाए हैं.

महीनों पहले से इवेंट की तैयारी में लग जाते थे

एक पॉडकास्ट के दौरान बिल गेट्स ने कहा कि स्टीव जॉब्स नेचुरल थे. उन्हें रिहर्सल करते देखना हमेशा मजेदार होता था. फिर जब वह मंच पर पूरी तैयारी के साथ पहुंचकर बात किया करते थे तो ऐसा लगता था कि वह सब कुछ वहीं सोचकर बोल रहे हैं. यह उनका टैलेंट था. स्टीव जॉब्स के बारे में लिखी गई किताब ‘बिकमिंग स्टीव जॉब्स’ में ब्रेंट श्लेंडर और रिक टेटजेली ने लिखा था कि एप्पल के पूर्व सीईओ बहुत सावधानी से महीनों पहले से किसी इवेंट की तैयारी में लग जाते थे. श्लेंडर ने एक बार खुद उन्हें ऐसा करते हुए पूरे दिन देखा था. वह कैसे बात करेंगे, कैसे चलेंगे और कैसे सवालों का जबाव देंगे इसकी पूरी तैयारी करते थे. 

सॉफ्टवेयर के बारे में लोगों को समझाना कठिन था 

पॉडकास्ट के दौरान बिल गेट्स ने कहा कि उन्होंने और जॉब्स ने माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल का नेतृत्व करते हुए कई बार मंच संभाला. हम लोगों को ईमेल और स्प्रेडशीट के महत्त्व के बारे में समझाना चाहते थे ताकि वो उन्हें खरीदे और अपने जीवन में बदलाव करें. सॉफ्टवेयर के जादू को समझाना धर्म के प्रचार करने जैसा था. मैं आज भी यही कोशिश करता हूं कि स्टीव जॉब्स की तरह अपनी बात दमदार तरीके से लोगों तक पहुंचा सकूं.

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